Thursday, October 3, 2013
माँ के ममता की प्रति मुरत है तु। भाई को स्नेह की जरूरत है तु॥ तेरा न होने का दर्द वो भाई जानता है। जो पल पल तेरे होने की दुआ माँगता है॥ तुझ बिन कौन दीदी लेँगीँ बलाएँ। बहन बिन अधुरी सी लगतीँ हैँ माँएँ॥ माँ नही तो दुनिया की जन्नत नही है। बहन सी मगर कोई दौलत नही है॥ होती है कमी उनको जिनकी माँ नही है। माँ की छाया से दुनियाँ मेँ न कोई कमी है॥
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